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हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हिंदी साहित्य भारती

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कानपुर में 50 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने ग्रहण की आजीवन सदस्यता, 37 देशों में संस्था की मौजूदगी

डॉ. रवीन्द्र शुक्ल बोले- अशांत विश्व में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से ही शांति का मार्ग

कानपुर। हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने और भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिंदी साहित्य भारती लगातार काम कर रही है। रविवार को केशव नगर स्थित कविताई भवन में आयोजित आजीवन सदस्यता अभियान कार्यक्रम में 50 से अधिक हिंदीप्रेमियों ने संस्था की आजीवन सदस्यता ग्रहण की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के साथ हुआ। सुप्रसिद्ध गायिका वैष्णवी गुप्ता ने वंदे मातरम् और दीप स्तुति की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को विशेष बनाया।

हिंदी भारतीय चिंतन और संस्कृति की संवाहक : डॉ. रवीन्द्र शुक्ल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं हिंदी साहित्य भारती (वैश्विक) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल ने कहा कि मौजूदा समय में पूरा विश्व अशांति के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से विश्व शांति की स्थापना की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देती है और हिंदी साहित्य भारती इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हिंदी को विश्व की संपर्क भाषा बनाने तथा भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय चिंतन, संस्कृति, साहित्य और जीवन-मूल्यों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि हिंदी साहित्य भारती की मौजूदगी वर्तमान में 37 देशों में है। संस्था की आजीवन सदस्यता ग्रहण करना हिंदी और भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार के संकल्प से जुड़ना है।

नई पीढ़ी को संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रह्लाद कुमार वाजपेयी ने अधिक से अधिक हिंदीप्रेमियों से संस्था से जुड़ने का आह्वान किया। वरिष्ठ पत्रकार शिवा अवस्थी ने कहा कि हिंदी साहित्य भारती नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

इस दौरान समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए अर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश वाजपेयी, वरिष्ठ पत्रकार शिवा अवस्थी तथा वरिष्ठ कवि एवं साहित्य भूषण डॉ. ओम प्रकाश शुक्ल ‘अमिय’ को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेश संयुक्त महामंत्री सुधीर शुक्ल, प्रदेश कोषाध्यक्ष किंजल्क कुमार त्रिवेदी, प्रदेश मंत्री आलोक सिंह पटेल, कानपुर प्रांत महामंत्री अनूप गुप्ता और समाजसेवी डॉ. दिवाकर मिश्र मौजूद रहे। संचालन कानपुर महानगर अध्यक्ष के.के. वाजपेयी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश संगठन मंत्री अरुण कुमार शुक्ल ने किया।

कार्यक्रम के अंत में हिंदी, भारतीय संस्कृति और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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